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शनिवार, 2 जुलाई 2011

सिंहासन खाली करवाने की बारी है

वर्तमान समय में हमारा भारत देश किन हालातो से गुजर रहा है .सब वाकिफ हैं |एक तरफ जहाँ इसी देश में भोजन करते समय न जाने कितनी बार यह सोचना पड़ता है कि कौनसी
डिश (खाना ) खाया जाये |तो दूसरी तरफ आधे से भी ज्यादा आबादी जिसको दो वक्त का खाना नहीं मिल पाता है ..और कुछ को मिल जाता है तो भरपेट नहीं मिल पाता है |
खैर जो भी हालात है बहुत ही चिंता जनक हैं और दुःख और तकलीफों से भरे हैं |और बढती महंगाई और टैक्स में यह तकलीफ आग में घी डालने का काम करती है |आज भारत का आम आदमी इस सरकारी तंत्र कि व्यवस्था से त्रस्त है |जरूरत कि चीजों के पैसे बढाकर ..उसे बार यही तर्क दिया जाता है कि सरकारी घाटे कि भरपाई के लिय ऐसा किया गया है | सरकारे किस प्रकार आम आदमी कि जेब से पैसा निकलती हैं | इसका बहुत से लोगो को पता है परन्तु बहुत सा वर्ग ऐसा है जो जानते हुए भी अनजान है | तो आइये पह्ले यही जान लेते हैं कि आम आदमी से कितना पैसा वसूला जा रहा है |

कुछ उदाहरणों से समझते हैं ----
आपको अपने ओफिस में है आपको लंच करना है और आप घर से खाना नहीं लाए तो आप कहाँ करेंगे ?
उत्तर - जाहिर सी बात है किसी होटल या रेस्तरां में ?
ध्यान देना आपको यहाँ फ़ूड टैक्स चुकाना पड़ता है |

आप कोई सर्विस लेते हैं या देते है तो आपको सर्विक्स टैक्स चुकाना पड़ता है |
यदि आप घर खरीदते है तो आपको स्टाम्प ड्यूटी व् रजिस्ट्रेशन टैक्स देना पड़ता है |
आप आपनी गाड़ी या फिर अन्य कोई साधन से यात्रा करते हैं तो आपको यात्रा टैक्स व् सड़क टैक्स देना पड़ता है

इसके अलावा अगर आप व्यापार करते है तो और जानिय
आपको प्रोफेसनल टैक्स देना पड़ेगा
यदि आप जिस भी चीज को अपने राज्य से बाहर भेज रहे हैं तो आपको सेंट्रल टैक्स , कस्टम ड्यूटी टैक्स आदि देना होगा
यदि आपको अपने व्यापार में मुनाफा होता है तो आपको इनकम टैक्स देना होगा
आप अपनी फेक्ट्री में चीजे Manufeture करते हैं तो आपको एक्साइज ड्यूटी टैक्स चुकाना पड़ेगा
यही आपको छोड़ नहीं दिया जाता .....
यदि आपका व्यापार मिलियन में है तो इसके लिय आपको टर्नओवर टैक्स और न्यूनतम अल्टरनेटिव टैक्स चुकाना होगा |
इसके अलावा भी बहुत सारे ऐसे अवसर जहाँ पर हम सबकी जेब पर वार किया जाता है |

माना कि अर्थव्यवथा में कुछ टैक्सेज जरुरी हैं ...लेकिन ये कहाँ कि अर्थ व्येव्स्था है जहाँ के नागरिको कि खून पसीने कि कमाई को चोरी करके विदेशी बैंको में जमा किया जाता है और वहाँ नागरिक मात्र 20 रूपये पर आपनी जिंदगी गुजारने को मजबूर हो जाएँ ?
यहाँ पर यह भी जान लेना जरुरी है कि भारत का जो लगभग 400 लाख करोड रुपया काले धन के रूप में विदेशी बैंको में जमा है |वो यदि भारत कि अर्थ व्यवस्था में लगा दिया जाता है तो भारत में आने वाले 50 सालों तक कोई टैक्स कि जरूरत नहीं पड़ेगी | भारत से गरीबी एक दिन में मिटाई जा सकती है | भारत का प्रत्येक नागरिक चाहता है कि वो पैसा वापस आना चाहिय फिर सरकार उसको क्यों नहीं ला रही है ? इसका मतलब साफ़ है कि सरकार खुद चोर व भ्रष्ट है |
क्यों भारतवासी कि गाढ़ी कमाई को सरकार रोज रोज डीजल ,पेट्रोल कि कीमते बढाकर लुट रही है |?तर्क यह दिया जाता है तेल कंपनियों को घाटा हो रहा है |अगर उनको घाटा हो रहा है तो सरकार उस पैसे का उपयोग क्यों नहीं करती ,जो विदेशी बैंको में जमा है और काला धन है |
देश वासियों समय आ गया है |63 सालो में इन्होने बहुत लूट लिया है |अब और नहीं |खुद जाग जाओ नहीं तो वो दिन भी अब दूर नहीं जब आप सभी से आपकी सारी कमाई लुट ली जायेगी |अत : आब इनसे उमीद करना छोड़ दो और इन सभी को अपनी वोट कि ताकत से परास्त कर दो |आपके पास एक मात्र संवैधानिक अधिकार वोट का है | अब व्यवस्था परिवर्तन कि नितांत जरूरत है | क्योकि इनको देखा जा चूका है |
63 सालो में ही जब ये कुछ नहीं कर पाए तो अब क्या करेंगे ? जितना लुटा है उसको वापस लाना है और आगे से न लुटें इसके लिय भी प्रतिबद्ध होना जरुरी है | अगर आज हम नहीं जागे तो भविष्य के जिमेद्दार हम ही होंगे |इनको कोई फर्क नहीं पड़ता क्योकि ये कुछ भी कानून बना सकते है |और आम आदमी को लूट रहे हैं | बहुत से लोग ये सोचते हैं हमें फर्क नहीं पड़ता क्योकि हमें दो वक्त का खाना मिल रहा है ..लेकिन उनसे अनुरोध है कि आप आपनी कमाई का हिसाब लगाइए कि आप कितना कमाते है और कितना सरकार हर कदम पर आप से वसूल करती है | आपकी छोटी सी उदासीनता इस देश को गर्क की और ले जा सकती है और आपके छोटे से प्रयास से खुशहाली कि ओर अब फैसला आपके हाथ है ...अगर आज भी नहीं जागे तो फिर कुछ ही दिनों बाद कीमते फिर बढ़ा दी जायेंगी और वो ही रोना धोना .शुरू हो जाएगा ..कुछ होने वाला नहीं है .|तो देर करना गलत होगा |


तरुण भारतीय द्वारा प्रेषित

1 टिप्पणी:

रविकर ने कहा…

vichaar kar aage aane ke liye prerit karne vala asadharan lekh |

badhaai ||

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